Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में जांच तेज हो गई है। मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट ने गुरुवार को चार अन्य आरोपियों को 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के लिए 31 अक्टूबर तक कस्टडी मांगी थी, लेकिन अदालत ने पांच दिन पहले ही हिरासत की अवधि तय कर दी। अब पुलिस आरोपियों से कथित हथियारों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर पूछताछ करेगी। दिल्ली से मुंबई लाए गए चारों आरोपी चारों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली से मुंबई लाया गया था। इसके बाद उन्हें एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस हिरासत का आदेश दिया। आरोपियों के वकील अजींक्य मिरगल मधुकर के मुताबिक, सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपियों से पूछा कि क्या उन्हें पुलिस से कोई शिकायत है या वे कुछ और कहना चाहते हैं। वकील ने बताया कि आरोपियों ने किसी तरह की शिकायत होने से इनकार किया। हथियारों की जानकारी पर बचाव पक्ष के सवाल वकील ने कहा कि चारों आरोपियों पर मामले में हथियार मुहैया कराने का आरोप है। हालांकि, उनके मुताबिक, पुलिस की रिमांड रिपोर्ट में हथियार के बारे में सीमित जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में केवल पिस्तौल का जिक्र होने और उसके देसी या विदेशी होने जैसी जानकारी स्पष्ट नहीं होने की बात बचाव पक्ष ने उठाई। मोबाइल फोन के डेटा पर आमने-सामने आए दोनों पक्ष सुनवाई के दौरान पुलिस ने दलील दी कि आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। उनमें मौजूद डेटा की जांच कर मामले से जुड़ी कड़ियों को जोड़ना जरूरी है। वहीं, बचाव पक्ष ने सवाल उठाया कि जब मोबाइल फोन पहले ही जब्त किए जा चुके हैं, तो डेटा निकालने के लिए आरोपियों को पुलिस की शारीरिक हिरासत में रखना क्यों जरूरी है। तीन अन्य आरोपी भी पुलिस हिरासत में इस मामले में बुधवार को तीन मुख्य आरोपियों को भी अदालत में पेश किया गया था। उन्हें 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। अब जांच एजेंसियां सभी आरोपियों से पूछताछ कर मामले की अलग-अलग कड़ियों की जांच करेंगी। अब सबसे अहम सवाल यह है कि जब्त मोबाइल फोन और कथित हथियारों की जांच से पुलिस को कौन-सी नई जानकारी मिलती है। ये भी पढ़ें: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, ट्रेन से मुंबई पहुंचाई गई थी पिस्टल! UP की राधा-बबीता गिरफ्तार